हुआ है दीदार-ए चाँद का,
चेहरों पर है मुस्कान छाई।
ख़ूब जमेगा रंग ख़ुशी का
मुबारक सबको को ईद है आई।

जमकर होगी दवतबाजी
मेज़बान करेंगें मेहमानवाजी।
किस्मत से तो मिलती है शिरक़त
घरों सभी के आयी है बरक़त।

खील उठेगा आज ये चमन
जब मिल बैठेंगे दोस्त और दुश्मन।
शरहदें टूटेंगी, दूरियां मिटेंगी
जब एक होंगे सभी वतन।

महक उठेगी ईत्र की खुशबू,
माहौल भी है, मुबारक मौका भी
मुबारक-ए ईद के जशन मे
आज हम-आप हुए है रूबरू।

भूलकर सभी शिक़वे-गिले
एक हुए है, शैकड़ो दिले।
ख़ुद आयें हैं, आला-ए हजरत
कहने सभी को ईद मुबारक
है सभी को ईद मुबारक।

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